महाशिव सत्य गौ धाम गिरी कूपड़ पर्वत के समीप बिश्कल्टी धारा के किनारे महासू महाराज सरहाना की कृपा स्थली पर शैलापानी दोची, तहसील जुब्बल, जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
आम जनमानस द्वारा आधुनिक उपभोगवादी जीवनशैली की आदतों को अपनाने से जानवर, जल, जंगल और जमीन का संतुलन बिगड़ गया है। असामान्य मौसम बंजर होती जमीन, इंसानी स्वास्थ्य और पालतू जानवर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है | बेहतर शिक्षा, आधुनिक रहन-सहन व अन्य सुविधाओं की चाह में ग्रामीण सांस्कृतिक ढांचा बिखरता जा रहा है।
समरसता दया-भाव, सेवा और संस्कार आदि मानवीय जीवनोपयोगी मूल्यों के आदतों व परिवार से विमुख होने से आम जनमानस स्वार्थी और भावनाहींन होता जा रहा है | मानवीय मूल्यों से दरकिनार होकर परिवार, गांव और समाज सब संवेदन शून्य बनते जा रहे हैं । हमारी देव, लोक संस्कृति, रीति रिवाज, ग्रामीण परिवेश, परंपराएं, युवा एवं बुजुर्ग सब अलग-थलग हो रहे हैं |
पालतू गोवंश को बेसहारा छोड़ देना भी इन सभी आमानवीय कार्यों में से एक है। न तो यह विशेष क्षेत्र की समस्या है और न ही यह विशेष लोगों की जिम्मेदारी है। इन्हीं बेसहारा गौवंश व मानवीय मूल्यों के पालन पोषण एवं संरक्षण के लिए सन 2020 में महाशिव सत्य गौधाम की नींव रखी गई।
इस सामाजिक कार्य का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए हर वर्ग से लगातार श्रम, अर्थ, समय, जिम्मेदारी में सहयोग की जरूरत है|